Bseb Class 10th Economics राज्य एवं राष्ट्र की आय

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Bihar Board Class 10 Economics Chapter 2 Rajya ewm rastra ki aay

Chapter – 2 Raj evam Rastra Ki Aay Notes

लघु उत्तरीय प्रश्न
1. आय से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर – किसी भी प्रकार का शारीरिक अथवा मानसिक कार्य करने के फलस्वरूप किसी व्यक्ति को जो रुपया मिलता है ! वह उस व्यक्ति का आय कहलाता है |

2. सकल घरेलू उत्पाद से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर – किसी देश में किसी दिए हुए वर्ष में वस्तुओं और सेवाओं का जो कुल मात्रा उत्पादित की जाती है ! उसे सकल घरेलू उत्पाद कहा जाता है |

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राज्य एवं राष्ट्र की आय notes

3. भारत में सर्वप्रथम राष्ट्रीय आय की गणना कब और किनके द्वारा की गई थी ?

उत्तर – भारत में राष्ट्रीय आय की गणना सर्वप्रथम 1968 में दादा भाई नौरोजी ने राष्ट्रीय आय का अनुमान लगाया उन्होंने प्रति व्यक्ति आय 20 रुपया वार्षिक बताया है |

4. भारत में राष्ट्रीय आय की गणना किस संस्था के द्वारा होती है ?

उत्तर – भारत में राष्ट्रीय आय की गणना केंद्रीय सांख्यिकी संगठन के द्वारा होती है |


5. राष्ट्रीय आय की गणना में होने वाली कठिनाइयों का वर्णन करें ?

उत्तर – राष्ट्रीय आय की गणना में निम्नलिखित कठिनाइयां होती है ! जो इस प्रकार से है –
i. आंकड़ों को एकत्रित करने में कठिनाई
ii. दोहरी गणना की संभावना
iii. मूल्य को मापने में कठिनाई

6. आय का गरीबी के साथ संबंध स्थापित करें ?

उत्तर – आय का गरीबो के साथ यही सम्बन्ध है ! कि जिसकी आय कम होगी वह गरीब होता है |

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दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
7. मानवाधिकार अधिकार के महत्व पर लिखे ?

उत्तर – हमारे देश में राष्ट्रिय स्तर पर यह एक उछ्तं संस्था है ! जो मानवीय अधिकारों की रक्षा करता है ! और उनके अधिकार से सम्बंधित उनके हितो के लिए सुरक्षा प्रदान करती है ! वैसी संस्था को ही राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग कहते है | राष्ट्रीय मानवाधिकार का महत्व इस बात से बढ़ जाता है ! की इसके अध्यक्ष भारत के उच्चतम न्यायालय के अवकाश प्राप्त प्रधान न्यायधीश होते है ! यदि कही किसी के अधिकारों का धनन होता है ! तो प्रभावित व्यक्ति मानव अधिकार आयोग में आपनी शोषण के विरुद्ध आवेदन कर सकता है ! आवेदन करने एवं सुनवाई का तौर तरीका आम आदालत की तरह है |

8. उपभोक्ता के कर्तव्य के बारे में लिखे ?

उत्तर – उपभोक्ता जब कोई वस्तु खरीदता है ! तो यह आवश्यक है ! की उस वास्तु का रसीद अवश्य ले एवं वस्तु की गुन्वाता ब्रांड मात्रा शुद्धता मानक माप तौल उत्पादित निर्माण की तिथि उपभोकता की अंतिम तिथि गरंटी पेपर गुणवता का निशान जैसे आई एस आई मार्क बुल्मार्क हौल्मार्क और मूल्य की दुष्टि से किसी प्रकार के दोष अपूर्णता पाता है ! तो सेवाए लेते समय अतिरिक्त सतर्कता एवं जागरूकता रखे |

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9. आर्थिक सुधारो या नई आर्थिक निति की तीन विशेषताए लिखे ?

उत्तर – आर्थिक सुधारों एवं नई आर्थिक निति की तीन विशेषताए निम्नलिखित है ! जो इस प्रकार से है –
. उत्पादन इकाइयों की प्रतियोगी क्षमता को बढाना
. भूतकाल की तुलना में विदेशी विनियोग एवं तकनिकी का अधिकाधिक उपयोग करना
.  आर्थिक विकास के लिए वैश्विक संसाधन का उपयोग करना

10. स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात भारत सरकार ने कब और किस के उद्देश्य से राष्ट्रीय आय समिति का गठन किया ?

उत्तर – स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत सरकार ने अगस्त 1949 में राष्ट्रीय आय समिति का गठन किया जिसका मुख्य उद्देश्य भारत के राष्ट्रीय आय के संबंध का अनुमान लगाना था इस समिति ने अप्रैल 1951 में अपनी प्रथम रिपोर्ट प्रस्तुत की 1954 के बाद राष्ट्रीय आय का संकलन करने के लिए सरकार ने केंद्रीय सांख्यिकी संगठन की स्थापना की

11. राष्ट्रीय आय की परिभाषा दें इसकी गणना की प्रमुख विधियां कौन कौन सी है ?

उत्तर – वर्ष भर में किसी देश में अर्जित आय की कुल मात्रा राष्ट्रीय आय कहलाती है ! इसकी गणना करने की निम्नलिखित विधियां है ! जो इस प्रकार से है –

क. उत्पादन गणना विधि

जब उत्पादन के गणना उत्पादन के योग के द्वारा किया जाता है ! तो उसे उत्पादन गणना विधि कहते हैं

ख. व्यय गणना बिधि

जब राष्ट्र के व्यक्तियों की व्यय के आधार पर राष्ट्रीय आय की गणना की जाती है ! तो उस गणना विधि को व्यय गणना विधि कहते हैं |

ग. आय गणना विधि

जब राष्ट्र के व्यक्तियों के आय के आधार पर राष्ट्रिय आय की गणना की जाती है ! तो उस विधि को आय गणना विधि कहते है |

12. प्रति व्यक्ति आय और राष्ट्रीय आय में अंतर स्पष्ट करें ?

उत्तर – प्रति व्यक्ति आय और राष्ट्रीय आय में निम्नलिखित अंतर है ! जो इस प्रकार से है –

क. प्रति व्यक्ति आय 

i. राष्ट्रीय आय में देश की कुल जनसंख्या से भाग देने पर जो भागफल आता है | उसे प्रति व्यक्ति आय कहते हैं |
ii. प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय आय बराबर देश की कुल जनसंख्या

ख. राष्ट्रीय आय 

i. वर्ष भर में किसी देश में अर्जित आय की कुल मात्रा को राष्ट्रीय आय कहा जाता है |
ii. राष्ट्रीय आय बराबर वर्ष भर में उत्पादित वस्तुओं एवं सेवाओं का मैट्रिक मूल होता है |

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13. राष्ट्रीय आय में वृद्धि भारतीय विकास के लिए किस तरह से लाभप्रद है’ वर्णन करे ?

उत्तर – राष्ट्रीय आय किसी भी देश की संपन्नता का प्रतीक है | राष्ट्रीय आय प्रति व्यक्ति आय का संयुक्त परिभाषा होता है ! नागरिकों द्वारा उत्पादकता तथा उनकी आय में वृद्धि के लिए किए गए प्रयास से राष्ट्र का विकास होता है ! अलग अलग राष्ट्र अपने विकास की अलग-अलग योजनाएं बनाते हैं ! किंतु रास्ता एक ही होता है इसलिए कहा जाता है ! कि अगर राष्ट्रीय आय में वृद्धि होती है ! तब भारत का विकास संभव होगा |

14. विकास में प्रति व्यक्ति आय पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें ?

उत्तर –  विकास का सीधा संबंध राष्ट्रीय आय से है ! राष्ट्रीय आय का आधार प्रति व्यक्ति आय से है ! प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि होती है ! तो राष्ट्रीय आय बढ़ जाती है ! और विकास संभव हो पाता है ! देश के विकास के लिए बनने वाली अधिकांश योजनाएं व्यक्ति विकास से जुड़ी होती है | जैसे-जैसे उत्पादन में वृद्धि होगी वैसे वैसे लोगों को रोजगार मिलेगा जिससे लोगों के आय में वृद्धि होगी और प्रति व्यक्ति आय बढ़ेगा |

15. क्या प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि राष्ट्रीय आय को प्रभावित करती है’ वर्णन करें ?

उत्तर – प्रति व्यक्ति आय का एकत्रित करण राष्ट्रीय आय का निर्माण करता है ! प्रति व्यक्ति आय जितनी अधिक होगी राष्ट्रीय उसी अनुमानित में बनेगा राष्ट्रीय आय में वृद्धि हेतु सरकार व्यक्तिगत आय में वृद्धि के लिए प्रयास करती है ! तथा योजनाएं बनाती है ! और कार्यक्रम के माध्यम से व्यक्तिगत आय में वृद्धि होती है ! तथा व्यक्तियों की क्षमता में वृद्धि होती है |

Class 10th Economics Subjective Notes – अर्थव्यवस्था 
पाठ – 1अर्थव्यवस्था एवं इसके विकास का इतिहास
पाठ – 2राज्य एवं राष्ट्र की आय
पाठ – 3मुद्रा, बचत एवं साख
पाठ – 4हमारी वित्तीय संस्थाएँ
पाठ – 5रोजगार एवं सेवाएँ
पाठ – 6वैश्वीकरण
पाठ – 7उपभोक्ता जागरण एवं संरक्षण

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