Bseb Class 10 Economics अर्थव्यवस्था एवं इसके विकास का इतिहास

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Bihar Board Class 10th Economics Chapter 1 Arthvyavastha evam uske vikas ka itihaas Notes 

पाठ – 1  अर्थव्यवस्था एवं इसके विकास का इतिहास 

1. अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं ?

उत्तर – अर्थव्यवस्था की परिभाषा विभिन्न विद्वानों ने विभिन्न तरीकों से दिया है” जिसमें सबसे अच्छी परिभाषा ब्राउन का रहा है” इनके अनुसार अर्थव्यवस्था आजीविका अर्जन करने की एक प्रणाली है” दूसरे शब्दों में अर्थव्यवस्था आर्थिक क्रियाओं का एक ऐसा संगठन है” जिसके अंतर्गत लोग कार्य करके अपनी आजीविका चलाते हैं |

2. मिश्रित अर्थव्यवस्था क्या है ?

उत्तर – ऐसी अर्थव्यवस्था जिसका संचालन या देखरेख सरकार तथा निजी व्यक्ति दोनों के हाथों में होता है” ऐसी अर्थव्यवस्था को ही मिश्रित अर्थव्यवस्था कहते हैं | जैसे :- भारत में मिश्रित अर्थव्यवस्था है |

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3. सतत विकास क्या है ?

उत्तर – ऐसा विकास जो लगातार जारी रहे उसे सतत विकास कहते हैं |

4. आर्थिक नियोजन क्या है ?

उत्तर – राष्ट्र की प्राथमिकताओं के अनुसार देश के संसाधनों का विभिन्न विकासात्मक क्रियाओं में प्रयोग करना ही आर्थिक नियोजन कहलाता है |

5. मानव विकास रिपोर्ट क्या है ?

उत्तर – मानव विकास रिपोर्ट एक ऐसा रिपोर्ट है” जिसमें विभिन्न देशों की तुलना लोगों के शैक्षिक स्तर उनकी स्वास्थ्य स्थिति और प्रति व्यक्ति आय के आधार पर करती है” ऐसे रिपोर्ट को ही मानव विकास रिपोर्ट करते हैं |

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6. आधारिक संरचना पर प्रकाश डाले ?

उत्तर – आधारिक संरचना का मतलब उन सुविधाओं तथा सेवाओं से है” जो देश की आर्थिक विकास के लिए सहायक होती है |
जैसे –  बिजली परिवहन, संचार, स्कूल कॉलेज, आदि देश के आर्थिक विकास के आधार है” उन्हें देश का आधारिक संरचना कहा जाता है |

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
7. अर्थव्यवस्था की संरचना से क्या समझते हैं” इन्हें कितने भागों में बांटा गया है ?

उत्तर – अर्थव्यवस्था की संरचना का मतलब विभिन्न उत्पादन क्षेत्रों में इस के विभाजन से है” जैसे कृषि उद्योग ,व्यापार ,बैंकिंग ,बीमा ,परिवहन, संचार, आदि इन क्रियाओं को आमतौर पर तीन भागों में बांटा गया है |

क. प्राथमिक क्षेत्र

प्राथमिक क्षेत्र को कृषि क्षेत्र भी कहा जाता है” इसके अंतर्गत कृषि, पशु पालन, मछली पालन, जंगलों से वस्तु को प्राप्त करना जैसे व्यवसाय आते हैं |

ख. द्वितीय क्षेत्र

द्वितीय क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र भी कहा जाता है” इसके अंतर्गत खनिज व्यवसाय निर्माण कार्य इत्यादि सेवाएं आते हैं |

ग. तृतीयक क्षेत्र

तृतीय क्षेत्र को सेवा क्षेत्र भी कहा जाता है” इसके अंतर्गत बैंक एवं बीमा परिवहन संचार व्यापार आदि क्रियाएं सम्मिलित होती है |

8. आर्थिक विकास क्या है” आर्थिक विकास तथा आर्थिक वृद्धि में अंतर बतावे ?

उत्तर – आर्थिक विकास एक ऐसी प्रक्रिया है” जिसके द्वारा दीर्घकाल में किसी अर्थव्यवस्था की वास्तविक राष्ट्रीय आय में वृद्धि होती है”’ सामान्यत: आर्थिक विकास तथा आर्थिक वृद्धि में कोई अंतर नहीं माना जाता है” दोनों शब्दों को एक शब्द के स्थान पर प्रयोग किया जाता है” लेकिन इधर अर्थशास्त्रियों के द्वारा इन दोनों के बीच अंतर किए जाने लगे हैं” श्रीमती उर्सला हिक्स के अनुसार वृद्घि शब्द का प्रयोग आर्थिक दृष्टि से विकसित देशों के संबंध में किया जाता है जबकि विकास शब्द का प्रयोग विकासील अर्थव्यवस्थाओं के संदर्भ में किया जा सकता है |

9. आर्थिक विकास की माप कुछ सूचकांक के द्वारा करें ?

उत्तर – आर्थिक विकास की माप के कुछ सूचकांक इस प्रकार से है –

क. राष्ट्रीय आय

राष्ट्रीय आय को आर्थिक विकास का एक प्रमुख सूचक माना जाता है” किसी देश में 1 वर्ष की अवधि में उत्पादित सभी वस्तुओं एवं सेवाओं के मैट्रिक मूल के योग को राष्ट्रीय आय कहा जाता है” सामान्य तौर पर जिस देश का राष्ट्रीय आय अधिक होता है” वह देश विकसित कहलाता है” और जिस देश का राष्ट्रीय आय कम होता है” वह देश अविकसित कहलाता है |

ख. प्रति व्यक्ति आय

आर्थिक विकास की माप करने के लिए प्रति व्यक्ति आय को सबसे उचित सूचकांक माना जाता है” प्रति व्यक्ति आय देश में रहते हुए व्यक्तियों की औसत आय होती है | राष्ट्रीय आय को देश की कुल जनसंख्या से भाग देने पर जो भागफल आता है” वह प्रति व्यक्ति आय होता है |

अर्थव्यवस्था एवं इसके विकास का इतिहास Notes

ग. मानव विकास सूचकांक

मानव विकास सूचकांक विभिन्न देशों की तुलना में लोगों के शैक्षिक स्तर उनकी स्वास्थ्य स्थिति और प्रति व्यक्ति आय के आधार पर निर्भर करती है |

10. बिहार के आर्थिक पिछड़ेपन के क्या कारण है” बिहार के पिछड़ेपन दूर करने के लिए कुछ मुख्य उपाय बतावे ?

उत्तर – बिहार के आर्थिक पिछड़ेपन के निम्नलिखित कारण है” जो इस प्रकार से है – 

क. जनसंख्या में तीव्र वृद्धि

बिहार में जनसंख्या में दिन दोगुनी रात चौगुनी वृद्धि हो रही है” जिसके चलते विकास के लिए साधन कम होते जा रहे हैं” जो पिछड़ेपन के प्रमुख कारण है |

ख. कृषि पर निर्भरता

बिहार की 80% जनता कृषि पर आधारित है” लेकिन हमारी कृषि की हालत ठीक नहीं है” हमारी कृषि काफी पिछड़ी हुई है” जिसके चलते उपज कम होती है” जो पिछड़ेपन का एक प्रमुख कारण है |

ग. बाढ़

बिहार के पिछड़ेपन के प्रमुख कारणों में बाढ़ का स्थान प्रमुख रूप से है” बिहार में खासकर उतरी बिहार में नेपाल से आए जल से बाढ़ आती है” और हर साल कम या अधिक बाढ़ का आना बिहार में तय है” जो पिछड़ेपन का एक प्रमुख कारण है |

घ. सुखाड़

बिहार के पिछड़ेपन में सुखाड़ का स्थान काफी महत्वपूर्ण है” बिहार में मानसून का समय पर न आना सुखाड़ का प्रमुख कारण है” जिसके चलते सूखे की मार दक्षिणी बिहार को काफी झेलनी पड़ती है” इससे हमारे किसानों को अकाल जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है” इस तरह कहा जा सकता है” कि सुखाड़ भी पिछड़ेपन का एक प्रमुख कारण है |

ङ. उद्योग धंधों का अभाव

बिहार में उद्योग धंधों का काफी अभाव है” सन 2000 में बिहार और झारखंड के बंटवारे के साथ अधिकांशतर उद्योग धंधे झारखंड में चले गए इस कारण बिहार में कार्यशील उद्योग धंधों का अभाव हो गया जो पिछड़ेपन का एक प्रमुख कारण बना |

च. गरीबी

बिहार एक ऐसा राज्य है” जहां गरीबी का भार काफी अधिक है” राज्य में प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय आय के आधे से भी कम है” जिसके चलते बिहार पिछड़ा ‘है’ अतः बिहार में निर्धनता भी पिछड़ेपन करना |

छ. खराब विधि व्यवस्था

किसी भी देश तथा राज्य के लिए शांति तथा सुव्यवस्था जरूरी होती है” लेकिन बिहार में वर्षों तक कानून व्यवस्था कमजोर स्थिति में थी जिसके चलते नागरिक शांति पूर्वक उद्योग नहीं चला पा रहे थे इस तरह खराब विधि व्यवस्था भी बिहार के पिछड़ेपन का एक प्रमुख कारण बन गया |

ज. कुशल प्रशासन का अभाव

बिहार की प्रशासनिक स्थिति ऐसी हो गई है” जिसमें पारदर्शिता का अभाव है” जिसके कारण आए दिन भ्रष्टाचार में वृद्धि हो रही है” जो पिछड़ेपन का एक प्रमुख कारण है” बिहार के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए सबसे पहले पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर ए.पी.जे अब्दुल कलाम ने कहा था कि बिहार के विकास के बिना भारत का विकास संभव नहीं है |

इसलिए बिहार के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए कुछ निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं –
क. जनसंख्या पर रोक

जनसंख्या पर रोक लगा कर पिछड़ेपन को दूर किया जा सकता है” इसके लिए परिवार नियोजन कार्यक्रम जानता एवं खास करके महिलाओं में शिक्षा का प्रचार किया जाए |

ख. कृषि का विकास करके

बिहार में कृषि ही जीवन का आधार है ! कृषि में नए यंत्रों उत्तम खाद उत्तम बीज का प्रयोग कर बिहार का विकास किया जा सकता है |

ग. बाढ़ पर रोक

बिहार के विकास में बाढ़ सबसे बड़ा बाधक है ! इस पर नियंत्रण कर बिहार का विकास किया जा सकता है |

घ. उद्योगों का विकास

बिहार से झारखंड के अलग हो जाने से यह राज्य लगभग उधोग विहीन हो गया था चीनी मिले बिहार के हिस्से में रह गई थी ! जो अधिकतर बंद पड़ी थी ! लेकिन कुछ वर्षों से देश के विभिन्न भागों से तथा विदेशी पूंजी निवेश लाने के प्रयास किए जा रहे हैं ! ताकि वर्तमान में जो उद्योग धंधों का अभाव है ! उसे दूर किया जा सके |

ङ. गरीबी दूर करना

बिहार में गरीबी का सबसे अधिक प्रभाव है ! गरीबी रेखा के नीचे लगभग 42% से भी अधिक लोग यहां जीवन बसर करते हैं ! इसके लिए रोजगार की व्यवस्था की जाए स्व रोजगार को बढ़ावा देने के लिए इन्हें प्रशिक्षण दिया जाए |

च. शांति व्यवस्था की स्थापना

बिहार में शांति का माहौल कायम कर व्यापारियों में विश्वास जगाया जा सकता है ! तथा आर्थिक विकास की गति को तेज किया जा सकता है |

छ. ईमानदार प्रशासन

बिहार के आर्थिक विकास के लिए स्वच्छ कुशल तथा ईमानदार प्रशासन जरूरी है |

11. मैट्रिक विकास किसे कहते हैं ?

उत्तर – मुद्रा का विकास ही मैट्रिक विकास कहलाता है |

12. योजना किसे कहते हैं ?

उत्तर – किसी भी कार्य को सुचारु ढंग से करने के लिए एक नियम योजना की आवश्यकता होती है ! जिसे योजना कहा जाता है |

13. योजना आयोग क्या है इसकी स्थापना कब की गई ?

उत्तर – योजना आयोग एक ऐसा आयोग है ! जो आने वाले 5 वर्षों के लिए आर्थिक विकास की योजना बनाता है ! इसकी स्थापना 15 मार्च 1950 को किया गया था |
नोट :- इसके पदेन अध्यक्ष देश के प्रधानमंत्री होते हैं | इसके प्रथम अध्यक्ष पंडित जवाहरलाल नेहरू थे लेकिन आज वर्तमान अध्यक्ष श्री नरेंद्र मोदी है |

14. बीमारू राज्य किसे कहते हैं ?

उत्तर – भारत में पांच ऐसे राज्य है ! जिसमें बिहार मध्य प्रदेश असम राजस्थान उत्तर प्रदेश इन राज्यों का विकास बिल्कुल ही नहीं हुआ है ! इसलिए इन राज्यों को बीमारू राज्य कहते हैं |

15. उपभोक्ता किसे कहते हैं ?

उत्तर – उपभोग करने वाले व्यक्ति को ही उपभोक्ता कहते हैं |

16. आर्थिक क्रियाएं किसे कहते हैं ?

उत्तर – हमारी वे सभी क्रियाएं जिनसे हमें आय प्राप्त होती है ! वैसी क्रियाओं को ही आर्थिक क्रिया कहते हैं |

17. पूंजीवादी अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं ?

उत्तर – पूंजीवादी अर्थव्यवस्था वह अर्थव्यवस्था है ! जहां उत्पादन के साधनों का स्वामित्व निजी व्यक्ति के पास होता है ! जो इसका उपयोग अपने निजी लाभ के लिए करते हैं ! ऐसी अर्थव्यवस्था को ही पूंजीवादी अर्थव्यवस्था कहते हैं | जैसे – अमेरिका जापान ऑस्ट्रेलिया आदि

18. समाजवादी अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं ?

उत्तर – ऐसी अर्थव्यवस्था जहां उत्पादन के साधनों का स्वामित्व एवं संचालन देश के सरकार के पास होता है ! तथा जिसका उपयोग सामाजिक कल्याण के लिए किए जाते हैं ! ऐसी अर्थव्यवस्था को ही समाजवादी अर्थव्यवस्था को कहते है | जैसे –   चीन क्यूवा

Class 10th Economics Subjective Notes – अर्थव्यवस्था 
पाठ – 1अर्थव्यवस्था एवं इसके विकास का इतिहास
पाठ – 2राज्य एवं राष्ट्र की आय
पाठ – 3मुद्रा, बचत एवं साख
पाठ – 4हमारी वित्तीय संस्थाएँ
पाठ – 5रोजगार एवं सेवाएँ
पाठ – 6वैश्वीकरण
पाठ – 7उपभोक्ता जागरण एवं संरक्षण

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