Bseb Class 10th History शहरीकरण एवं शहरी जीवन

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Bihar Board Class 10 History Chapter 6 shaharikaran avm shahri jivan –  शहरीकरण एवं शहरी जीवन Subjective

प्रश्न 1.
लैसेज फायर क्या है ?

उत्तर – किसी भी देश के द्वारा अपनाई गई ! वह इसी नीति जिसमें उद्योगपतियों पूंजीपतियों एवं व्यवसायियों को कल कारखाना स्थापित करने के लिए अथवा उत्पादन करने के लिए तथा वस्तुओं की खरीद बिक्री करने के लिए एवं आयात निर्यात करने के लिए पूरी स्वतंत्रता दी जाती है ! इसी सिद्धांत को हम लैसेज फेयर कहते हैं |

प्रश्न 2.
किन किन प्रक्रियाओं द्वारा आधुनिक शहरो की स्थापना निर्णायक रूप से होती है ?

उत्तर – औद्योगिक पूंजीवाद विश्व के विशाल भू-भाग पर उपनिवेश शिक्षा संघ की स्थापना तथा लोकतांत्रिक आधार की विकास जैसे तीन प्रक्रियाओं के द्वारा आधुनिक शहरों के निर्माण में सबसे अधिक सहायता मिली है ! इन्हीं तीन प्रक्रियाओ ने शहरो के  विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई |

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प्रश्न 3.
समाज का वर्गीकरण ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में किन विभिन्नता के आधार पर किया जाता है ?

उत्तर – समाज का वर्गीकरण ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों की जनसंख्या जीवन निर्वाह के आधार पर  तथा रीति-रिवाजों के आधार पर अलग हो जाते हैं ! शहरों की आबादी गांव की अपेक्षा अधिक होती है ! लोगों में जीवन का आधार व्यवसाय उद्योग नौकरी होता है ! तथा व्यक्तिवादी सिद्धांत प्रभावित होता है |

Bihar Board Class 10 History शहरीकरण एवं शहरी जीवन Notes

प्रश्न 4.
आर्थिक तथा प्रशासनिक सुधार में ग्रामीण तथा नगरीय बनावट के दो प्रमुख आधार क्या है ?

उत्तर – आर्थिक तथा प्रशासनिक संदर्भ में ग्रामीण तथा नगरीय बनावट के दो प्रमुख आधार जनसंख्या का घनत्व एवं कृषि संबंधित आर्थिक क्रियाओं का अनुपात है ! जो आर्थिक तथा प्रशासनिक दृष्टिकोण से ग्रामीण तथा नगरीय बनावट को प्रभावित करता है |

प्रश्न 5.
गांव की कृषि उन्नति क्रियाकलापों की विशेषताएं बताएं ?

उत्तर – गांव के लोगों के जीवन का मूल आधार कृषि ही होता है ! कृषि के द्वारा ही भोजन से लेकर अन्य आवश्यकताओं को कृषि कार्य से ही पूरा करते हैं इसलिए गांव के लोगों का आर्थिक क्रियाकलाप का आधार कृषि है |

प्रश्न 6.
शहर किस प्रकार के क्रियाओं का केंद्र है ?

उत्तर – शहर मुख्य रूप से आर्थिक राजनीतिक तथा प्रशासनिक क्रियाओं  का केंद्र होता है ! और उससे  यह सभी कार्य पूरे किए जाते हैं ! इसके अतिरिक्त कभी-कभी शहर धार्मिक क्रियाओं का केंद्र भी बन जाता है |

प्रश्न 7.
नगरीय जीवन एवं आधुनिकता एक दूसरे से अभिनय रूप से कैसे जुड़े हुए हैं ?

उत्तर – नगर के लोगों का जीवन एक आधुनिकता एक दूसरे से अभिनय रूप से जुड़ा हुआ है ! जैसे कि हम देखते हैं कि गांव में निवास करने वाला व्यक्ति सामाजिक बंधन में बांधा जाता है ! किंतु शहर में जाने के बाद आधुनिक सभ्यता संस्कृति को अपना लेते हैं |

प्रश्न 8.
नौकरों में विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग  और संक्रामक है ऐसी मान्यता क्यों बनी हुई है ?

उत्तर – नौकरों में विशेषाधिकार वर्ग अल्पसंख्यक है ऐसी मान्यता इसलिए बनी हुई है ! कि शहरों की आबादी सौभान होती है ! जिसमें धार्मिक प्रशासनिक तथा राजनैतिक करने वाले लोगों की संख्या कम होती है ! जिन्हें सुरक्षा देने के लिए आम लोगों की अपेक्षा कुछ विशेषाधिकार दिए गए हैं |

प्रश्न 9.
नागरिक अधिकारों के प्राप्ति एवं नई चेतना किस प्रकार के आंदोलनों या प्रयास से बने ?

उत्तर – नागरिक आंदोलन के प्राप्ति एवं नई चेतना श्रमिक आंदोलन महिलाओं के द्वारा अपने अधिकार के लिए आंदोलन का प्रयास का प्रतिफल था ! इन्हीं आंदोलनों ने शहर में श्रमिक और महिलाओं के शोषण से मुक्त दिलाया |

प्रश्न 10.
व्यावसायिक पूंजीवाद ने किस प्रकार नगरो के उद्भव में अपना योगदान किया ?

उत्तर – व्यावसायिक पूंजीवाद 1789 की औद्योगिक क्रांति के बाद जैसे-जैसे कल कारखानों की स्थापना तथा उत्पादन में वृद्धि लाई वैसे वैसे ग्रामीण श्रमिकों का झुकाव शहरों की तरफ बढ़ता गया ! जब काफी संख्या में श्रमिक रोजी रोटी के लिए अपने बीवी बच्चों के साथ शहर में पहुंचे तो शहर की आकृति ही बदल गई |

प्रश्न 11.
शहरों की उदय में मध्यम वर्ग की भूमिका किस प्रकार रही ?

उत्तर – शहरों की उदय में मध्यम वर्ग की भूमिका सराहनीय रही क्योंकि मध्यम वर्ग शिक्षकों का वर्ग था ! यह लोग वहां इकट्ठा होते वहां सभ्य समाज वर्ग निर्माण करते हैं ! साथ-साथ श्रमिकों के शोषण के विरुद्ध भी होते हैं ! फलतः  श्रमिकों के साथ मिलकर शहरों के उदय में योगदान देते हैं |

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प्रश्न 12.
श्रमिक वर्ग का आगमन शहरों में किस प्रस्तुतियों के अंतर्गत हुआ ?

उत्तर – श्रमिक वर्ग का आगमन शहरों में भुखमरी गरीबी तथा बेरोजगारी जैसे परिस्थितियों का कारण हुआ ! ग्रामीण क्षेत्रों के श्रमिकों के पास कृषि योग्य भूमि भी नहीं थी ! जिससे खर्च चला सके उपरोक्त समस्याओं का सामना करना पड़ता था ! जिससे छुटकारा पाने के लिए श्रमिक शहरों के तरफ जाना शुरू किया |

प्रश्न 13.
शहरों ने किन समस्याओं को जन्म दिया ?

उत्तर – शहरों में आवास यातायात की सुविधा काम के घंटे तथा वेतन जैसे अनेक समस्याओं को जन्म दिया ! शहरों की जनसंख्या में एकाएक वृद्धि होने से सरकार के लिए उपयुक्त सुविधा उपलब्ध कराना संभव नहीं था ! इन लोगों का जीवन कष्टदायक बन गया |

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 14.
शहरो  की विकास की पृष्ठभूमि एवं उनके प्रक्रिया पर प्रकाश डालें ?

उत्तर – शहरों की विकास की कहानी कई कारणों से होकर गुजरती है ! प्राचीन काल मध्यकाल आधुनिक काल प्राचीन काल का इतिहास बताता है ! शहरो के विकास के पीछे धार्मिक तथा व्यवसायिक तत्व मौजूद थे ! सभी धर्मों के धर्मगुरु तथा बड़े-बड़े शहरो का रूप दे दिए |

क. मध्यकाल :- मध्यकाल का इतिहास बताता है ! शहरो के विकास के पीछे सामाजिक और राजनीतिक इच्छाशक्ति कार्य कर रही थी ! अपने अपने क्षेत्रों के विकास के लिए बड़े-बड़े भावनाओं का निर्माण सैनिक छावनी का निर्माण  सड़क मार्ग का विकास के द्वारा शहरों का विकास हुआ |

ख. आधुनिक काल :- आधुनिक काल का इतिहास बताता है ! कि शहरों की विकास की प्रक्रिया लगभग 200 वर्ष पुरानी है जब औद्योगिकरण से विश्व के विशाल भू-भाग पर उपनिवेश की स्थापना तथा लोकतांत्रिक आदर्शों का विकास हुआ ! तब काफी संख्या में गांव के लोग शहरों में जाने लगे जिससे शहरों की विकास की प्रक्रिया तीव्र हो गई |

प्रश्न 15.
ग्रामीण तथा नगरीय जीवन के बीच विभिन्नता स्पष्ट करें

उत्तर – ग्रामीण तथा नगरीय जीवन के गीत में कई विभिन्नता देखी जाती है ! जिनका उल्लेख इस प्रकार से है – 

क. ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी विरल होती है ! जबकि शहरी क्षेत्र की आबादी सिमित होती है |

ख. ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के जीवन का मुख्य आधार कृषि है ! जबकि शहरों के लोगों के जीवन का मुख्य आधार नौकरी व्यवसाय तथा रोजगार होता है |

ग. ग्रामीण क्षेत्र में संयुक्त परिवार की प्राप्ति आज भी दिखाई देती है ! जबकि शहरी क्षेत्र में व्यक्ति वादी सिद्धांत पर कार्य होता है |

घ. ग्रामीण क्षेत्र में भारतीय सभ्यता संस्कृति दिखाई देटी है  ! जबकि शहरी क्षेत्र में पश्चिमी सभ्यता दिखाई देती है |

ड. ग्रामीण क्षेत्र में सामूहिक भावना का विस्तार होता है ! जबकि शहरी क्षेत्र में व्यक्तिगत भावना काम करता है |

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प्रश्न 16.
शहरी जीवन में किस प्रकार से सामाजिक बदलाव आए ?

उत्तर – आज से लगभग 200 वर्ष पूर्व जैसे जैसे शहरों का विकास हुआ वैसे वैसे सामाजिक बदलाव दिखाई देने लगे ! शहरों के विकास के पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का झुकाव शहरों के तरफ नहीं देखा गया था ! किंतु हाथ से बनी हुई ! वस्तुओं के स्थान पर मशीनों से बनी हुई ! वस्तुओं को लोगों ने लेना पसंद  किया तो सामाजिक बदलाव भी दिखाई देने लगे ! ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में भी उम्मीद की भावना जग गई ! कि हमें भी शहरों में नौकरी और रोजगार के साथ आधुनिक सुविधाएं मिल सकती है ! और लोग शहरों की तरफ पलायन करने लगे जो व्यक्ति शहरों की तरफ पलायन करने लगे ! वह व्यक्ति शहरो का वासी बनकर कुछ ही वर्षों में सामाजिक सभ्यता संस्कृति भूल कर शहरी सभ्यता संस्कृति अपना लिया इस तरह जैसे जैसे शहरों का विकास हुआ ! वैसे वैसे सामाजिक बदलाव दिखाई देने लगी |

प्रश्न 17.
शहरीकरण की प्रक्रिया में व्यावसायिक वर्ग मध्यम वर्ग एवं मजदूर वर्ग की भूमिका पर चर्चा करें

उत्तर – शहरीकरण के प्रक्रिया में व्यवसायिक माध्यम तथा मजदूर तीनों वर्ग की भूमिका उल्लेखनीय रही है ! जिनका वर्णन इस प्रकार से है –
. शहरीकरण की प्रक्रिया सबसे पहले व्यवसायिक ने ही रास्ता दिखलाया व्यवसाय के उद्देश्य से संगठित हुए ! वस्तुओं की खरीद बिक्री के लिए बाजार की व्यवस्था किए ! तथा आयात निर्यात के लिए विभिन्न मार्गों का खोज किए व्यवसायिक  वर्ग की  तरफ से मध्यम वर्ग के लोगों ने भी रोजी रोटी के उद्देश्य से विभिन्न कार्यालय स्कूल अस्पताल कोट कचहरी में काम करना प्रारंभ किए ! जो शहरों की आकृति में बदलाव लाया शहरीकरण की प्रक्रिया में मजदूर वर्ग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही काफी संख्या में अपने बीवी बच्चों के साथ शहर में पहुंचे ! और कल कारखानों के विकास के साथ उनके लिए आवास स्कूल अस्पताल इत्यादि की व्यवस्था की गई जो शहर के विकास में तेजी ला दी |

प्रश्न 18.
एक उपनिवेश 1 शहरों के रूप में मुंबई शहर की विकास की समीक्षा करें ?

उत्तर – एक उपनिवेश 1 शहर के रूप में मुंबई शहर की विकास की प्रक्रिया धीमी रही है ! बीसवीं सदी के प्रारंभ में मुंबई के अंदर काफी विरल आबादी थी 1854 से 1921 के बीच 45 सूती वस्त्र मिलों की स्थापना होने से मुंबई के विकास की कहानी प्रारंभ हुई ! जब 1,46000 मजदूर मिलों में काम करने के लिए पहुंचे ! तो ब्रिटिश सरकार के द्वारा बहु मंजिला इमारतों के रूप में चौल  का विकास किया गया फिर भी समस्या का समाधान नहीं हुआ ! जिसके कारण  एक गोदाम की खुदाई कर उसकी मिट्टी से 22 एकड़ और समुद्री भाग को भरकर और मजबूत दीवार के रूप में भगवान एस्टेट का निर्माण किया गया ! जिसके किनारे मरीन ताइव का निर्माण कर मुंबई शहर का विकास किया गया |

Class 10th History Subjective Notes – इतिहास
पाठ – 1यूरोप में राष्ट्रवाद
पाठ – 2समाजवाद एवं साम्यवाद
पाठ – 3हिन्द-चीन में राष्ट्रवादी आंदोलन
पाठ – 4भारत में राष्ट्रवाद
पाठ – 5अर्थव्यवस्था और आजीविका
पाठ – 6शहरीकरण एवं शहरी जीवन
पाठ – 7व्यापार और भूमंडलीकरण
पाठ – 8प्रेस-संस्कृति एवं राष्ट्रवाद
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