Jatiy vyavastha ki chunautiya | Class 8 History जातीय व्यवस्था की चुनौतियाँ

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Bihar Board Class 8th History Chapter 8 jatiy vyavastha ki chunautiya – जातीय व्यवस्था की चुनौतियाँ

पाठ – 8 जातीय व्यवस्था की चुनौतियाँ

1. सही विकल्प को चुने :

क. फुले के द्वारा किस संगठन की स्थापना हुई ?
उत्तर – सत्य शोधक समाज

ख. गैर बराबरी विरोधी आन्दोलन केरल में किसके द्वारा प्रारम्भ किया गया ?
उत्तर – नारायण गुरु

ग. पेरियार के द्वारा कौन सा आन्दोलन प्रारम्भ किया गया ?
उत्तर – आत्म सम्मान आन्दोलन

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घ. हरिजन सेवक संघ महात्मा गाँधी के द्वारा किस वर्ष गठित किया गया ?
उत्तर – 1932

ङ. बाबा भीमराव आंबेडकर के द्वारा किस वर्ष बहिष्कृत हितकारनि सभा की स्थापना हुई ?
उत्तर – 1924

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2. ज्योतिराव फुले के मुख्य विचार क्या थे ?

उत्तर – ज्योतिराव फुले के मुख्य विचार थे | की जाति – व्यवस्था मनुष्यता की समानता के खिलाफ है | उन्होंने जाति प्रथा को मानने से इनकार कर दिया | फुले ने शुद्रो की दासता को गलत बताया | उन्होंने अमेरिका के नीग्रो और भारत के शुद्रो को एक समान समझा | असमानता के खिलाफ लोगो को जगाना उनके विचार का मुख्य अंग था | फुले ने अत्याचार और उत्पीडन से संघर्ष करना सिखाया |

3. विरशेलिंगम के योगदान की चर्चा करे ?

उत्तर – विरशेलिंगम जीवन भर सामाजिक भेदभाव को समाप्त कराने के लिए संघर्ष करते रहे | उन्होंने स्कुल शिक्षक के रूप में अपनी सेवा दी | तेलगु भाषा में लिखे उनके लेखो के कारण उन्हें तेलगु गध साहित्य का जंक माना जाता है | उन्होंने महिला उत्थान के लिए अनेक काम कए | विधवाओं के पुनर्विवाह के लिए उन्होंने आवाज उठाई | दबे – कुचले लोगो को ऊपर उठाने के प्रयास को दक्षिण भारत के अनेक क्षेत्रो में आदर के साथ देखा गया | लोगो ने उनके द्वारा दिखाए मार्ग पर चलने के लिए अपने लोगो को सिखाया |

4. श्री नारायण गुरु का समाज सुधार के क्षेत्र में क्या योगदान रहा ?

उत्तर – श्री नारायण गुरु एक धार्मिक गुरु के रूप में उभरे | उन्होंने अपने लोगो के बिच एकता का आदर्श रखा | चुकी वे स्वयं एक निम्न जाति के थे | अतः उनके बताये रास्ते पर चलने के लिए निम्न जाति के लोग सदा तत्पर रहते थे | उन्होंने श्री नारायण धर्म परिपालन योगम की स्थापना 1902 ई. में की | इस संगठन के समान दो उद्देश्य थे | प्रथम छुआ-छुत का विरोध और दूसरा कर्मकांडो की सरल विधि अपनाना | उन्होंने निम्न जाति के लोगो के बिच फैली बुरी आदतों को छोड़ने का आग्रह किया | और बताया की वे भी उच्च जातियों की तरह अपना रहन – सहन रखे | इन्होने निम्न जातियों को मंदिर प्रवेश का आन्दोलन चलाया |

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5. महात्मा गाँधी द्वारा छुआछूत निवारण के क्या उपाय किये गए ?

उत्तर – महात्मा गाँधी ने भारत में गैर बराबरी के विरोध में आवाज उठाई | 1919 ई. में पहला आर्रवल भारतीय डिप्रेस्ड क्लास सम्मेलन हुआ | इसमें कांग्रेस द्वारा गाँधी जी के सुझाव पर छुआछूत के विरुद्ध घोषणा पात्र जारी किया गया | अछूतों और दलितों को उन्होंने हरिजन नाम दिया | छुआछूत दूर करने और अछूतों के उद्दार और उन्नति के लिए अनेक रचनात्मक कार्य चलाए गए |इनके प्रयासों से छुआछुत का प्रभाव कुछ कमजोर पड़ी | हरिजनों के उत्थान के लिए गांधीजी ने हरिजन सेवक संघ की स्थापना की | फिर 1933 में हरिजन नामक एक साप्ताहिक पात्र संवेदनाशील समास्याएं उठायी जाती थी | इनके प्रयास से हरिजनों का विधालयो में प्रवेश सम्भव हो सका | अब ये भी बच्चो के साथ समान अधिकार के रूप में शिक्षा की प्राप्ती करने लगे | गांधीजी का यह एक अच्छा कार्य था |

6. बाबा साहब भीमराव आंबेडकर ने जातीय भेद – भाव को दूर करने के लिए किस तरह के प्रयास किये ?

उत्तर – बाबा साहब भीमराव आंबेडकर ने भारतीय जातिगत समाज में दलित वर्ग को सम्मान पूर्ण स्थान दिलाने के लिए अथक प्रयास किये | और दलितों को भी शिक्षा प्राप्त करने का आव्ह्वान किया | तथा दलितों के वैधानिक और राजनितिक अधिकारों की मांग रखी | उन्होंने 1924 में बहिष्कृत हितकारी समा का गठन किया | 1927 में म्हार सत्याग्रह आरम्भ हुआ | ताकि दलितों के प्रति अपनाई गई | भेदभाव की निति समाप्त की जा सके | 1942 में अम्बेडकर ने अनुसूचित जाति संघ की स्थापना की | जब इन्होने देखा की हिन्दू धर्म में उनको कोई सम्मान मिलाने वाला नहीं है | तो इन्होने बौद्ध धर्म अपना लिया | कारण की बौद्ध धर्म पूर्णतः समानता पर आधारित था | उनके समर्थको ने भी वैसा ही किया | आज भारत में जिस दर्शन की लोकप्रियता मिली है | वह समानता और भाईचार आजादी पर आधारित है |

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