Bseb Class 10 Geography शक्ति ऊर्जा संसाधन

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Bihar Board Class 10th Geography Chapter 1E Shakti Urja Sansadhan – शक्ति (ऊर्जा) संसाधन प्रश्न उत्तर

पाठ – 1E : शक्ति ऊर्जा संसाधन

1. पारंपरिक एवं गैर पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के 3 उदाहरण लिखिए ?

उत्तर – पारंपरिक ऊर्जा स्रोत के रूप में कोयला पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस प्रमुख है ! गैर पारंपरिक ऊर्जा के रूप में सौर ऊर्जा पवन ऊर्जा और बायोगैस प्रमुख है |

2. गोंडवाना समूह के क्षेत्र के नाम लिखिए ?

उत्तर – गोंडवाना समूह के कोयला क्षेत्र के नाम इस प्रकार से है – झारखंड, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल इत्यादि |

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3. झारखंड राज्य के मुख्य कोयला उत्पादक क्षेत्रों के नाम अंकित कीजिए ?

उत्तर – झारखंड राज्य के मुख्य कोयला उत्पादक क्षेत्रों के नाम इस प्रकार से है – झरिया, बोकारो करणपुर, रामगढ़, गिरिडीह |

4. कोयला के विभिन्न प्रकारों के नाम लिखिए ?

उत्तर – कोयला के विभिन्न प्रकारों के नाम निम्नलिखित है ! जो इस प्रकार से है – अंतरासाइट, बिट्यूमिनस, लिगनाइट, पिट आदि |

5. पेट्रोलियम से किन किन वस्तुओं का निर्माण होता है ?

उत्तर – पेट्रोलियम सबसे पहले कच्चे माल के रूप में अशुद खनिज होता है” जिसका शुद्धिकरण करने के बाद मिट्टी का तेल प्राकृतिक गैस डीजल अलकतरा जैसी वस्तुओं का निर्माण होता है |

6. सागर सम्राट क्या है ?

उत्तर – मुंबई से 176 किलोमीटर दूर उत्तर पश्चिम की दिशा में अरब सागर के ऊपर 1975 में भारत सरकार द्वारा  एक जलयान मंच का निर्माण कराया गया जिसके द्वारा  पाइप के माध्यम से कच्चे पेटोलियम को प्राप्त किया जाता है ! जो सागर सम्राट कहलाता है |

Bihar Board Class 10 Geography शक्ति (ऊर्जा) संसाधन Notes

7. किन्ही चार तेल शोधक कारखानों का स्थान निर्दिष्ट कीजिए ?

उत्तर – चार तेल शोधक कारखानों के नाम एवं स्थान इस प्रकार से है –
. डिगबोई (असम)
. असम की ऊपरी घाटी (असम)
. बरौनी (बिहार)
. खंभात की खाड़ी (गुजरा)

8. जल विद्युत उत्पादन के कौन-कौन से प्रमुख कारक है ?

उत्तर – जल विद्युत उत्पादन के लिए नदियों में प्रचुर मात्रा में जल होनी चाहिए नदी का मार्ग ढालनुमा होनी चाहिए ताकि पानी का बहाव तीव्र गति से हो सके तथा प्राकृतिक जल प्रपात का होना भी आवश्यक है ! उपरोक्त सभी कारक जल विद्युत उत्पादन के लिए आवश्यक है |

9. नदी घाटी परियोजनाओं को बहुउद्देशीय क्यों कहा जाता है ?

उत्तर – नदी घाटी परियोजनाओं को बहुउद्देशीय परियोजना इसलिए कहा जाता है ! क्योंकि इन परियोजनाओं से पहले जल विद्युत का निर्माण होता है ! पून: वही जल जो नदियों से होते हुए ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचता है ! जो सिंचाई पशुओं के लिए पेयजल तथा मत्स्य पालन का कार्य किया जाता है ! यानी एक परियोजना अनेक लाभ पहुचाती है ! इसलिए इन परियोजनाओं को बहुउद्देशीय परियोजना कहते हैं |

10. निम्नलिखित नदी घाटी परियोजना किन-किन राज्यों में अवस्थित है ?

उत्तर – निम्नलिखित नदी घाटी परियोजना जिस राज्य में स्थित है ! उनका नाम इस प्रकार से है –
. हीराकुंड (उड़ीसा )
. तुंगभद्र (कर्नाटक )
. रिहंद (उत्तर प्रदेश )

11. ताप शक्ति क्यो समाप्य संसाधन है ?

उत्तर – ताप शक्ति को समाप्त संसाधन इसलिए माना जाता है ! क्योंकि इसका उत्पादन कोयला पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस के जलाने से होता है ! जिसका भंडार धीरे-धीरे समाप्त होता जा रहा ‘है ! जिस दिन यह पूरी तरह समाप्त हो जाएगा उस दिन ताप विधुत का उत्पादन भी बंद हो जाएगा |

12. परमाणु शक्ति किन-किन खनिजों से प्राप्त होता है ?

उत्तर – परमाणु शक्ति विभिन्न खनिजों से प्राप्त किया जाता है ! जैसे – यूरेनियम, ग्रेफाइट, थोरियम, वेनेडियम, तथा मोनाजाइट से प्राप्त किया जाता है |

13. मोनाजाइट भारत में कहां-कहां उपलब्ध है ?

उत्तर – मोनाजाइट भारत में सबसे अधिक केरल में पाया जाता है ! इसके अतिरिक्त तमिलनाडु आंध्र प्रदेश तथा उड़ीसा के तटीय क्षेत्र में आंशिक रूप से पाया जाता है |

14. सौर ऊर्जा का उत्पादन कैसे होता है ?

उत्तर – सौर ऊर्जा का उत्पादन करने के लिए फोटो बोलटायिक सेल के ऊपर से सूर्य की किरण को प्रवाहित किया जाता है ! जिसे फोटोबोलटायिक सेल सूर्य से निकलने वाली ऊष्मा को अवशोषित कर विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित कर देती है ! जो सौर ऊर्जा कहलाती है |

15. भारत के किन-किन क्षेत्रों में पवन ऊर्जा के लिए अनुकूल परिस्थितियां है ?

उत्तर – भारत में गुजरात के कच्छ तमिलनाडु राजस्थान महाराष्ट्र कर्नाटक में पवन ऊर्जा के उत्पादन के लिए अनुकूल परिस्थितियां है |

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16. शक्ति संसाधन का वर्गीकरण विभिन्न आधारों के अनुसार सोदाहरण स्पष्ट कीजिए ?

उत्तर – शक्ति संसाधन का विभिन्न आधारों पर सोदाहरण व्याख्या इस प्रकार से है –

उपयोग के स्तर के आधार पर  शक्ति दो प्रकार के होते हैं –
समापनीय संसाधन – इसमें कोयला पेट्रोलियम इत्यादि आते हैं |
सतत शक्ति – इसमें सौर ऊर्जा पवन ऊर्जा इत्यादि आते हैं |

उपयोगिता के आधार पर शक्ति दो प्रकार के होते हैं –
. प्राथमिक शक्ति – इसमें कोयला पेट्रोलियम इत्यादि आते हैं |
. द्वितीयक शक्ति – इसमें जलविद्युत बायोगैस इत्यादि आते हैं |

स्रोत के स्थित के आधार पर  भी शक्ति दो प्रकार के होते हैं –
क. क्षयशील शक्ति – इसमें कोयला पेट्रोलियम इत्यादि आते हैं |
ख. अक्षयशील शक्ति – इसमें प्रवाहित जल सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा इत्यादि पाए जाते हैं |

समय के आधार पर भी शक्ति दो प्रकार के होते हैं –
क. पारंपरिक ऊर्जा – इसमें कोयला और पेट्रोलियम इत्यादि आते हैं |
ख.  गैर पारंपरिक ऊर्जा – इसमें सौर ऊर्जा , जलविद्युत इत्यादि आते हैं |

संरचनात्मक गुणों के आधार पर शक्ति दो प्रकार के होते हैं –
क. जैविक ऊर्जा – इसके अंतर्गत मानव एवं प्राणी शक्ति आदि आते हैं |
ख. अजैविक ऊर्जा – इसके अंतर्गत जल शक्ति पवन शक्ति तथा ईंधन इत्यादि आते हैं |

17. भारत में परंपरिक शक्ति के विभिन्न स्रोतों का विवरण प्रस्तुत कीजिए ?

उत्तर – भारत में पारंपरिक शक्ति के विभिन्न स्रोतों का वर्णन इस प्रकार है –

क. कोयला :- कोयला शक्ति के संसाधन के रूप में भारत का सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण संसाधन रहा है ! भारत सरकार के 1200 मीटर की गहराई तक पाए जाने वाले कोयले का कुल भण्डार 26 हजार 454 करोड़ टन  है ! जो गोडवाना टर्शियरी कोयला क्षेत्र में फैला है |

ख. पेट्रोलियम :- शक्ति के संसाधन के रूप में कोयला के बाद पेट्रोलियम सबसे महत्वपूर्ण शक्ति संसाधन है ! जिसके बिना किसी भी राष्ट्र का विकास असम्भव है ! भारतीय भू-भाग  सर्वेक्षण के अनुसार देश में पेट्रोलियम का अनुपात भण्डार 17 अरब टन है |

ग.  प्राकृतिक गैस :- भारत में प्राकृतिक गैस का उत्पादन 1984 से प्रारंभ हुआ ! जिसका अनुमानित भण्डार 700 अरब घन मीटर (m3) है ! जिससे 5340 किलोमीटर गैस पाइप लाइन के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में पहुचाया जाता है |

18. गोडवाना काल के कोयले का भारत में वितरण पर प्रकाश डाले ?

उत्तर – गोडवाना काल के कोयले का भारत में वितरण का वर्णन इस प्रकार से है –

क. झारखंड :- यह देश का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है” जहां 30% कोयले का भण्डार है |

ख. छत्तीसगढ़ :- छतीसगढ़ उत्पादन की दृष्टि से भारत का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है” जहां से 16 % कोयले की प्राप्ति होती है |

ग. उड़ीसा :- उड़ीसा से भारत के कुल कोयले का 14.6 % भाग प्राप्त किया जाता है |

घ. महाराष्ट्र :-  यह देश को 9% कोयले की आपूर्ति करने वाला राज्य है |

ङ. मध्य प्रदेश :- मध्यप्रदेश  राज्य से 7% कोयले की आपूर्ति भारत सरकार करती है |

च. पश्चिम बंगाल :- भारत में शेष कोयले की आपूर्ति पश्चिम बंगाल से होती है |

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19. कोयले का वर्गीकरण कर उनकी विशेषताओं को स्पष्ट कीजिए ?

उत्तर – कोयले का वर्गीकरण चार प्रकार से किया गया है ! जिनके विशेषताओं का उल्लेख इस प्रकार से है –

क.  एंथ्रासाइट :- यह सर्वोच्च कोटि का कोयला है ! जिसमें 90 % से अधिक कार्बन की मात्रा पायी जाती है ! जो जलने पर धुँआ बिलकुल कम तथा उष्मा अधिक देता है |

ख. बिट्टूमीनस  :- इसमें कार्बन की मात्रा 70 से 90% के बिच पायी जाती है ! जिसका शुधिकरण कर एंथ्रासाइट का रूप दिया जा सकता है |

ग.  लिंगनाइट  :- इस कोयले में कार्बन की मात्रा 30 % से 70% के बिच पायी जाती है ! जो जलने पर धुँआ अधिक तथा उष्मा कम देता है ! इस कोयला को भूरा कोयला कहते है |

घ.  पिट :- यह सबसे घटिया किस्म का कोयला है ! इसमें कार्बन की मात्रा 30% से भी कम पाया जाता है ! जो जलने पर धुँआ अधिक देता है |

20. भारत में खनिज तेल के वितरण का वर्णन कीजिए ?

उत्तर – भारत में खनिज तेल का वितरण इस प्रकार से है –

क. उत्तरी पूर्वी प्रदेश :- यह देश का सबसे पुराना तेल उत्पादक क्षेत्र है ! जो 1866 से उत्पादन कर रहा है ! इस क्षेत्र में असम , अरुणाचल प्रदेश तथा नागालैंड तीनो राज्य शामिल है |

ख. गुजरात क्षेत्र :- यह क्षेत्र 1958 से तेल उत्पादन कर रहा है ! जिसमे अंकलेश्वर , नवगाँव कोस्मबा तथा कलोल इत्यादि शामिल है |

ग. मुंबई हाई क्षेत्र :- यह क्षेत्र मुंबई से 176 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है ! जहाँ 1975 से काम चल रहा  है |

घ. पूर्वी तट प्रदेश :- यह क्षेत्र कृष्णा गोदावरी तथा कावेरी नदियों के मुहाने पर स्थित है |

21. जल विद्युत उत्पादन हेतु अनुकूल भौगोलिक एवं आर्थिक कारकों की विवेचना कीजिए ?

उत्तर – जल विधुत एक अक्षयशील तथा नवीकरणीय संसाधन है ! जिससे उत्पन्न विधुत प्रदूषण रहित होता है ! भारत जल से भरा हुआ देश है ! जल विधुत उत्पादन के लिए कुछ अनुकूल परिस्थितियों का होना आवशयक है ! जो इस प्रकार से है –
. नदियों को सदा वाहिनी |
. प्रचुर जल का मात्रा होना चाहिए |
.  नदियों का मार्ग ढालनुमा होना चाहिए |
.  पर्वतीय इलाके में बर्फ का जामा एवं पिघलना निरंतर गति से चलनी चाहिए जिससे नदियों में जल की कमी ना हो |
नोट :- जल विद्युत उत्पादन के लिए उपरोक्त अनुकूल परिस्थितियां या भौगोलिक दशाओं के साथ आर्थिक कारक के रूप में औद्योगिक विकास वाणिज्य विकास व्याप्त पूंजी परिवहन के साधन तकनीक का विकास एवं बाजार का होना आवश्यक है ! ताकि जल विद्युत का उत्पादन होने के बाद लागत खर्च को प्राप्त किया जा सके |

22. भाखड़ा नंगल परियोजना पर संक्षिप्त भौगोलिक टिप्पणी लिखिए ?

उत्तर – यह परियोजना भारत की सबसे बड़ी परियोजना है ! सतलज नदी के ऊपर 225 मीटर ऊँचा बाँध का निर्माण कर 7 लाख किलो वाट बिजली उत्पादन हो रहा है ! पंजाब हरियाणा उत्तरप्रदेश दिल्ली जैसे – कुछ राज्य इससे लाभ उठा रहे है |

क. दामोदर घाटी परियोजना :- यह परियोजना दामोदर नदी के ऊपर बांध का निर्माण करके प्रारंभ किया गया जिससे 1300 मेगावाट जल विधुत का उत्पादन होता है ! जिसका लाभ झारखण्ड , बिहार तथा पश्चिम बंगाल को मिल रहा है |

ख. कोसी परियोजना :- नेपाल के निकट हनुमान नगर के पास कोसी नदी के ऊपर बांध का निर्माण करके 20 हजार  किलो वाट जल विधुत का उत्पादन हो रहा है ! जिसका 50% नेपाल सरकार तथा 50% बिहार सरकार उपयोग करती है |

ग.  हीराकुंड परियोजना :- महानदी पर उड़ीसा के अन्दर 4801 मीटर ऊंचा बांध का निर्माण किया गया है ! जिससे 27 हजार  किलोवाट विधुत का उत्पादन किया जा रहा है |

घ.  रिहंद परियोजना :- यह परियोजना उतर प्रदेश रिहंद नदी पर अवस्थित है ! जिस पर 934 मीटर लम्बा बाँध बांधकर 30 लाख  किलो वाट जल विधुत का उत्पादन हो रहा है ! जिसका लाभ केवल उत्तर प्रदेश को मिल रहा है |

ङ. तुंगभद्र परियोजना :- यह दक्षिण भारत की सबसे बड़ी परियोजना है ! कर्नाटक में कृष्णा नदी के ऊपर बांध का निर्माण करके 10 हजार किलोवाट जल विधुत का उत्पादक हो रहा है ! जिसका कर्नाटक राज्य लाभ उठा रहा है |

23. भारत के किन्ही चार परमाणु विद्युत गृह का उल्लेख कीजिए तथा उनकी विशेषताओं को स्पष्ट कीजिए  ?

उत्तर – भारत के चार परमाणु विद्युत गृह का उल्लेख और विशेषताओं का वर्णन इस प्रकार से है –

क. तारापुर परमाणु :- यह एशिया महादेश का सबसे बड़ा परमाणु विधुत गुह है ! जिसकी उत्पादन क्षमता 200 मेगा वाट है ! इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है ! की यह युरेनियम के बदले थोरियम से विधुत उत्पादन करता है |

ख. राणा प्रताप सागर परमाणु विद्युत गृह :- यह राजस्थान में कोटा के अंदर चंबल नदी के किनारे स्थित है ! जिसकी उत्पादन क्षमता 100 मेगा वाट है ! इसकी विशेषता यह है ! कि यह कनाडा सरकार के सहयोग से स्थापित है |

ग. कलपक्कम परमाणु विधुत गृह :- यह तमिलनाडु राज्य में स्थित है ! 1983 एवं 1985 से 335 मेगावाट विधुत का उत्पादन कर रहा है ! इसकी विशेषता यह है ! की यह पुर्णतः देशी तकनीक पर आधारित है |

घ. नरौरा परमाणु विधुत गृह :- यह उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के पास स्थित है ! जिसकी उत्पादन क्षमता 235 मेगावाट है ! जो पुर्णतः आधुनिक तकनीक पर आधारित है |

24. शक्ति ऊर्जा संसाधनों के संरक्षण हेतु कौन कौन से कदम उठाए जा सकते हैं ! आप उसमें कैसे मदद पहुंचा सकते हैं ?

उत्तर – शक्ति संसाधन के संरक्षण हेतु कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं ! जिसकी उल्लेख किस प्रकार से है –

क. ऊर्जा के उपयोग में सावधानी रखना :- ऊर्जा विकास की रीढ़ है ! इसलिए प्रत्येक नागरिक को ऊर्जा का दुरुपयोग करने से बचना चाहिए ताकि विकास की प्रक्रिया बाधित ना हो |

ख. ऊर्जा का नवीन क्षेत्रों का खोज :- कोयला पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस ऊर्जा के प्राथमिक एवं समाप्त संसाधन है ! जिनके स्थान पर नवीन वैकल्पिक संसाधनों की खोज एवं उपयोग आवश्यक है |

ग. अंतरराष्ट्रीय सहयोग :- ऊर्जा के संसाधनों को सुरक्षित रखने के लिए विश्व स्तर पर सहयोग की जरूरत है ! जिससे एक दूसरे को नवीन तकनीक उपलब्ध कराई जा सके |

Class 10th Geography Subjective Notes – भूगोल
पाठ – 1भारत : संसाधन एवं उपयोग
पाठ – 1Aप्राकृतिक संसाधन
पाठ – 1Bजल संसाधन
पाठ – 1Cवन एवं वन्य प्राणी संसाधन
पाठ – 1Dखनिज संसाधन
पाठ – 1Eशक्ति (ऊर्जा) संसाधन
पाठ – 2कृषि
पाठ – 3निर्माण उद्योग
पाठ – 4परिवहन, संचार एवं व्यापार
पाठ – 5बिहार : कृषि एवं वन संसाधन
पाठ – 5Aबिहार : खनिज एवं ऊर्जा संसाधन
पाठ – 5Bबिहार : उद्योग एवं परिवहन
पाठ – 5Cबिहार : जनसंख्या एवं नगरीकरण
पाठ – 6मानचित्र अध्ययन
पाठ – 7आपदा प्रबंधन
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